रात का दर्द


Vikas Posted: January 22 ,2014

इस ठहरी हुई सी रात की पेशानी पर
बेतरतीब शिकन के निशान बिखरे हुए हैं

 

शिकन है या किसी संगदिल ने ख़रोचें दी हैं
मुझे हल्का सा शुबा चाँद पर भी है वैसे

 

बड़ा पैना और धारदार दिख रहा है आज
किसी और ही तरह "कटी" है आज की रात...





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